History of Computer कंप्यूटर का इतिहास

History of Computer (कंप्यूटर का इतिहास) आज से लगभग पौने दो सौ साल पहले हिसाब किताब के विशेषज्ञ।

तथा इंग्लैंड के अंग्रेज गड़ितज्ञ चार्ल्स बाबेज ने गणित के कठिन प्रश्न को हल करने के लिए

1821 ई. में ‘The Babbage Difference Engine’ नाम से एक मशीन बनाना आरम्भ किया।

लेकिन उसके पुर्ज़े पुरे न मिलने के कारन ये मशीन सफल नहीं हो सकी।

फिर 1833 में भारी राशि व्यय करने के बाद एक दूसरी मशीन बनानी शुरू किया। जिसका नाम Analytical Engine रखा।

History of Computer

लेकिन चार्ल्स अपनी इस सफलता को पूर्ण रूप में देखने से पहले ही इस दुनिया से चल बसे।

फिर Charlse Babbage कि मित्र Lady Ada Agusta us Babbage कि मशीन के लिए प्रोग्रामिंग आईडिया तैयार किया।

इसलिए उन्हें पहला प्रोग्रामर कहा जाता है।

इसके बाद 1879-80 में Herman Hollerith ने Census Tabulator के नाम से एक मशीन बनाई जिस में पंच कार्ड लगा हुआ था।

यह बिजली से चलती थी। परन्तु जैसे – जैसे समय बीतता रहा इसमें सुधार आता गया।

इसके कारण 1944 ई. में ‘Electronic Digital Computer’ अस्तित्व में आया जिसमे 300 वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tubes) लगे हुए थे।

फिर द्वतिय विश्व युध्द के समय कंप्यूटर कि मांग अधिक बढ़ जाने के कारण 1946 ई. में

अमेरिकन इंजनिएर J. Presper Eckert और John Mauchly ने अमरीकी सेना के लिए

एक कंप्यूटर ENIAC (Electronic Numerical Integrator and Calculator) के नाम से बनाया जो दुनिया का सबसे बड़ा कंप्यूटर था।

इसमें 18000 ‘Vaccum Tubes’ लगे थे। यह 100 फीट लम्बा 10 फीट ऊँचा और 3 फीट गहरा था।

फिर एक गणितज्ञ John Van Numan ने 1949 ई. में कंप्यूटर के लिए एक Stored Program बनाकर सबसे पहले Electronic Storage Computer बनाया जिसका नाम ‘EDSAC’ रखा।

इस दृस्टि पर चलने वाले कम्प्यूटरों को Electronic Delay Storage Automatic Computer के नाम से जाना गया।

जो आदेश को Memory में जमा करता था तथा साइज़ में बहुत ही छोटा था। इस का प्रयोग लन्दन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में हुआ।

यही Storage Program Software के अस्तित्व का आधार बना।

इसके बाद ही Numan ने इसी दृष्टि के अनुसार चलने वाला एक कंप्यूटर दुनिया के सामने 1950 में ‘EDVAC’ (Electronic Variable Automatic Computer) के नाम से लाया।

इसके बाद से कंप्यूटर के चेत्र में तेज़ी आयी और नए नए कंप्यूटर सामने आने लगे।

कम्प्यूटर का इतिहासिक बैकग्राउंड Historical Background of the Computer

History of Computer यानी कम्प्यूटर का इतिहास 1543 से 1678 तक वापस आया।

1642 में Blaise Pascal द्वारा गणना मशीन और Goffried Liebnits ने उद्योग में इस्तेमाल होने वाले मशीन के एप्लीकेशन का विकास किया।

यह 1760 – 1830 के दौरान तक आगे बढ़ा जो ग्रेट ब्रिटेन में इंडस्ट्रियल क्रांति का काल था।

जहां उत्पादन के लिए मशीन का इस्तेमाल करना ब्रिटिश समाज और पश्चिमी दुनिया को बदल दिया।

इस दौरान Joseph Jacquard ने बुनाई करने वाली मशीन का आविष्कार किया।

कंप्यूटर का जन्म मनोरंजन या ईमेल के लिए नहीं, बल्कि संकट के वक्त समाधान के लिए हुआ था।

1880 तक, USA की जनसंख्या इतनी ज़्यादा हो गई थी कि अमेरिकी जनगणना के परिणामों को सारणीबद्ध करने में 7 साल से अधिक समय लग गया।

सरकार ने पंच-कार्ड आधारित कंप्यूटरों को बढ़ावा देने के काम को पूरा करने के लिए तेजी से रास्ता खोजा।

आज, हम अपने स्मार्ट फोन पर अधिक कंप्यूटिंग शक्ति रखते हैं, जो इन के शुरुआती मॉडल में उपलब्ध था।

कम्प्यूटिंग का निम्नलिखित संक्षिप्त इतिहास History of Computer का एक समय है।

कि कैसे कंप्यूटर अपनी विनम्र शुरुआत से लेकर आज की मशीनों तक विकसित हुआ है।

जिसकी वजह से आज हमसब इंटरनेट पर गेम खेलते हैं। और क्रंचिंग नंबरों के अलावा मल्टीमीडिया स्ट्रीम करते हैं।

कंप्यूटर विधि की ऐतिहासिक घटनाएं Historical Events of Computer Incidents

1623: History of Computer यानी कंप्यूटर के इतिहास में Wilhelm Schickard ने पहली बार काम करने वाले mechanical calculator का निर्माण किया।

1673: में Gottfried Leibniz ने एक डिजिटल मैकेनिकल कैलकुलेटर का प्रदर्शन किया, जिसे Stepped Reckoner कहा जाता है।

उन्हें Binary Number सिस्टम का डॉक्यूमेंट और कंप्यूटर वैज्ञानिक और सूचना का विचारक माना जा सकता है।

1801: में Joseph Marie Jacquard ने फ्रांस में एक करघे का आविष्कार किया जो कपड़े की बुनाई और डिजाइनों को बनाने में उपयोग किया जाता है।

शुरुआती कंप्यूटर का इस्तेमाल निम्नलिखित फील्ड में किया जाता था।

जैसे- Home / News / Tech / Health / Planet Earth / Strange News / Animals / History / Culture / Space & Physics.।

1820: में Thomas De Colmar ने Machanical कैलकुलेटर का इस्तेमाल इंडस्ट्री के कामों को करने के लिए बनाया।

ये मशीन हिसाब करने में काफी मजबूत थी। और ये ऑफिस के कार्यों के लिए काफी विश्वसनीय थी।

1822: में Charles Babbage ने भाप से चलने वाली Calculating Machine का निर्माण किया।

और इस Project में अंग्रेजी सरकार द्वारा लगाया गया फण्ड बेकार हो गया और यह प्रोजेक्ट फेल हो गया।

फिर एक सदी से भी अधिक समय बाद में, दुनिया का पहला कंप्यूटर वजूद में आया। और कम्प्यूटर के इतिहास (History of Computer) में दर्ज हो गया।

1843 में Ada Lovelace ने Analytical Egine पर एक फ्रांसीसी Article के ट्रांसलेशन के दौरान एक ऐसे नोट्स पर उसकी नज़र पड़ी।

जो गणना करने के लिए एल्गोरिथ्म नंबर जो कि कंप्यूटर पर कार्य करने के लिए विशेष रूप से सिलवाया गया।

1885: में Herman Hollerith ने एक Tabulator का अविष्कार किया जिसमे पंच कार्ड का इस्तेमाल किया गया था।

जिससे संख्यात्मक जानकारी मिलती थी। जो IBM कंपनी का हिस्सा बन गयी।

Generation of Computer (कंप्यूटर की पीढ़ी तथा उन्नति के युग) – History of Computer

1950 तक कंप्यूटर का उपयोग सिर्फ बड़े बड़े सरकारी कार्यालयों तथा संस्थानो में होता था। 1950 से अब तक जितने भी कम्पयूटर आये हैं।

उन सभी कम्पयूटर में पीढ़ी के आधार पर बहुत सारी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके काफी बदलाव किये गये हैं।

1st Generation of Computer (पहली पीढ़ी का कंप्यूटर ) :- 1950 से 1958ई. तक की अवधि को पहली पीढ़ी में गिना जाता है।

जब अमरीका के एक सरकारी संसथान UNIVAC-1 ने कंप्यूटर ख़रीदा।

उसमे Vaccum Tubes लगे होते थे जो पंच कार्ड की मदद से काम करता था।

2nd Generation of Computer (दूसरी पीढ़ी का कंप्यूटर ) :- दूसरी पीढ़ी के अवधि 1959 से 1964 तक की है।

इसमें Vaccum Tubes के स्थान पर Transister का उपयोग होता था जो साइज़ में छोटा था।

3rd Generation of Computer (तीसरी पीढ़ी का कंप्यूटर ) :- यह 1965 से 1970 तक की अवधि है।

इस अवधि के कंप्यूटर में IC (Intergrated Circuit) का उपयोग होता था।

4th Generation of Computer (चौथी पीढ़ी का कंप्यूटर ) :- यह अवधि 1971 से 1985 तक की है।

इस अवधि में Micro Processor का उपयोग होता था इस कारण ऐसे कंप्यूटर को Micro Computer कहा जाने लगा।

5th Generation of Computer (पांचवी पीढ़ी का कंप्यूटर ) :- इस का युग 1985 से आरम्भ होता है।

आज उपयोग होने वाले सभी कंप्यूटर पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर में आते हैं।

अन्तत: इस ज़माने में नए नए Micro Processor, Operating System और आश्चर्य चकित करने वाले Software आये।

जैसे:- Windows 95, 98, 2000, ME, XP, Windows 7, Windows 8 और Windows 10 आदि।

और IBM कम्पनी द्वारा अलग-अलग Processor से बने कंप्यूटर

जैसे :- 286, 386, 486, 586 जिन्होंने बाज़ार में अपना प्रभुत्व कायम किया। इस पीढ़ी में सुपर कंप्यूटर भी बाज़ार में आये। 

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